Friday, 27 April 2012


हमसे अच्छी कही आइने की किस्मत होगी,
रूबरू उसके तेरी चाँद सी सूरत होगी,
मेने पुजा हे हरेक रोज़ तसव्वुर में तुम्हे,
दिल के मंदिर में चले आओ, इनायत होगी,
मुंतजिर क्यू रहे अब कोई,कयामत का भला,
तुम सलामत हो तो हर रोज़ कयामत होगी,
ख्वाब क्या देखिये जन्नत की हसी गलियों का,
वो जहां होंगे वही हुश्न की जन्नत होगी,

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