मिलें तुम तो खिले दिल के फुल,
दिल मेरा बस में नही, जुले सा रहा जुल,
जिंदगी हो जैसे दिन भर की तपिश,
तेरी आगोश हे शीतल चाँदनी कुल-कुल,....
अब इंतज़ार कहा ?, हे वस्ल की सब रातें,
घंटों होती रहेगी, प्यार की ये बातें,
दरमियॉ हमारे अब दुरीया ना हो,
ख़ुशियाँ ही ख़ुशियाँ हो,मजबूरियाँ ना हो,
माथे पे सींदुरी जो चढ गई तेरी धुल,....
अब तो साथ मे ही जिना,हे साथ में मरना,
दिल को गवारा नही, एक-दूजे का बिछड़ना,
तुम चन्दा में चाँदनी बन जाउ तेरी,
तुम दीपक हो तो, पाती बन जाउ तेरी,
हो गलतियांएक-दुसरे की हम जाएँ भूल,.....
No comments:
Post a Comment