रोने से गमें दिल का गुज़ारा नहीं होता,
हर अश्क मुहोब्बत में, सहारा नहीं होता
दरीया ये मुहोब्बत में, तुफा भी हे भँवर भी
हर कस्ती की किस्मत में,किनारा नहीं होता
कुछ गम भी,अहेले दिल को, राश आए तन्हाइमे,
हर वकत एक्-सा ,मौसमें , नजारा नहीं होता
चमकती हे बिजलीया भी, कभी-कभी आस्मामे,
हर वकत, कुदरत का ऐसा, इशारा नहीं होता
मुकेश" समेंट ले,वकते वजूद जहासे,
हर कब्र पे , जहामे " मिनारा" नहीं होता
हर अश्क मुहोब्बत में, सहारा नहीं होता
दरीया ये मुहोब्बत में, तुफा भी हे भँवर भी
हर कस्ती की किस्मत में,किनारा नहीं होता
कुछ गम भी,अहेले दिल को, राश आए तन्हाइमे,
हर वकत एक्-सा ,मौसमें , नजारा नहीं होता
चमकती हे बिजलीया भी, कभी-कभी आस्मामे,
हर वकत, कुदरत का ऐसा, इशारा नहीं होता
मुकेश" समेंट ले,वकते वजूद जहासे,
हर कब्र पे , जहामे " मिनारा" नहीं होता
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