दिवसों जुदाई ना जाई छे,
ए जसे जरूर मिलन सुधी,
मुज हाथ झाली ने लइ जसे,
मुज शत्रु ओ ज स्वजन सुधी,
ना धरा सुधी ,ना गगन सुधी,
नाही उन्नति , ना पतन सुधी,
फकत आपने तो जवु हतु ,
एक-मेक ना मन सुधी,
तमे राज-रानी ना चिर सम,
अमें रंक नार नी चुंददी,
तमे तन पर रहो घड़ी-बे-घड़ी,
अमें साथ दइये दफन सुधी,
No comments:
Post a Comment