Tuesday, 11 December 2012


अज हूँ ना आए बलमा सावन बीता जाए,
हाये रे,,,सावन बेटा जय,,,,,,,,,,,
नींद भी अंखियन द्वार ना आए,
तौसे मिलन की आस् भी जाए,,
आई बाहर खिले फुलवा,
मेरे सपने कौन सजाये, हाय  रे,,,सावन,,,,,,
चाँद को बदरा गरवा लगाये,,,
और भी मौरा मन ललचाये,,,,
यार  हसीन गले लग जां,,,,
मोरी उम्र गुजरती जाये,,,,,,,अज हूँ  ना आए,,,,

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