Wednesday, 12 December 2012


चाँदनी रात में सारा जहां सोता हे,
लेकिन तुम्हारी याद में कोई बद‍नसीब रोता हे,,
कहे तौ से सजना ये तोहरी सजनिया,
पग-पग लिए जां हो तौहरी बधाइआ,,,,,,
मगन अपनी धुन में रहे मोड़ें सैय्या,
पग-पग लिए जां हो तौहरी बधाइयां,,,,,,,
बदरीया से बरसो, घटा बनके छाऊ,
जीया तोहे चाहे तोहे अब ना पाऊँ,
लाज निगोडी मोरी, दोवे है पैय्या,,,,,,
में जग कोई रीत ना जानू,
माँग का तोहे सिंदूर मानु,
तूही चूडि़यां मोरी तू ही कलाइयां,,,,
मोहाई लगे प्यारे सभी रंग पिआरे,,
दुःख-सुख में, हर पल रहु संग पिआरे,
दरदवा को बांटे, मार लइ
चाँदनी रात में सारा जहां सोता हे,
लेकिन तुम्हारी याद में कोई बद‍नसीब रोता हे,,

में जग कोई रीत ना जानू,
माँग का तोहे सिंदूर मानु,
तूही चूडि़यां मोरी तू ही कलाइयां,,,,

कहे तौ से सजना ये तोहरी सजनिया,
पग-पग लिए जां हो तौहरी बधाइआ,,,,,,

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