Sunday, 18 November 2012


भुल जा मेरे दिल, भुल जा मेरे दिल,
शोलों पे आशियाना कोई बना सका ना,
बेहतर हे भुल जाना,,,,,,,,,, भुल जा,,,,,,,,,,,,
कोई पत्थर किसी आयने का,
दोस्त होता नही दिल दीवाने,
तू ना जाने दिल दीवाने,,,
डूबती कस्ती ओ को कभी भी,
कोई तूफां ना आया बचाने,
तू ना जाने दिल दीवाने,,,
हे प्यार एक फँस!ना, जो सच कभी हुआ ना,
बेहतर हे भुल जाना,,,,,

आग बुजती नही आँसू ओ से,
रेत में फुल खिलते नही हे,
तू  ना जाने दिल दीवाने,
पिछली राहों के बिछड़े मुसाफिर,
अगली राहो में मिलते नहीं हे,
तू  ना जाने दिल दीवाने,
अपनो से फरेब खाना,
दस्तुर हे पुराना,,,,,
बेहतर हे भुल जाना,,,,,,

एक-तरफा मोहब्बत किसीको,
राश आई नही  दिल दीवाने,
तू ना जाने दिल दीवाने,
तूने ढूँढे अंधेरों में तारे,
ओर हवाओं पे लिख्खे फँसाने,
तू ना जाने दिल दीवाने,
अब छोड़ो ये फसाना,
बीता हुआ जमाना,,,
बेहतर हे भुल जाना,,,,,


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