चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला,
मेरी आवारगी ने मुजको आवारा बना डाला,
बड़ा दिल कश, बड़ा रंगीन हे ये शहेर केहते हे,
यहा पर हे हजारों घर, घर में लोग रेहते हे,
मुजे इस शहेर ने गलियों का बंजारा बना डाला,
में इस दुनिया को अकसर देखकर हैरान होता हूँ
ना मुजसे बन शका छोटा सा घर दिन-रात रोता हूँ,,,
खुदाया तूने कैसे ये जहां सारा बना डाला,
मेरे मालिक मेरा दिल क्यू तड़पता हे सुलगता हे,
तेरी मरजी तेरी मरजी पे किस का जोर चलता हे,
किसी को फुल किसी को तूने अंगारा बना डाला,
येही आगाज था मेरा,ये ही अंजाम होना था,
मुजे बरबाद होना था, मुजे नाकाम होना था,
मुजे तक़दीर ने तक़दीर का मारा बना डाला,
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