सेह लुंगी सितम तुमसे में सीकवा ना करूँगी,
मिट जाऊँगी में प्यार को रुस्वा ना करुंगी,
मेने दीलदार तुजे दिल में बसा रख्खा हे,
मेने जन्मो से तुजे अपना बना रख्खा हे,
तु मुजे लाख सता, तू मुजे लाख जला,
मुजसे कोई बात ना कर, गैर से आँख मिला,
मेने दिलदार तुजे दिल में बसा रख्खा हे,,,
मेने जन्मो से तुजे अपना बना रख्खा हे,
हमसफर तू हे मेरा, साथ छोड़ूँ ना तेरा,
तुम रहो लाख सनम दूसरों की बाँहों में,
मेरे हम-दम रहो लेकिन मेरी निगाहों में,
तू हमे लाख पराया या बेगाना समजे,
हम तो मिट जायेंगे मेहबूब तेरी राहो में,
तू करे लाख जफा में ना छोड़ूँगी वफा,
खुश रहो मेरे सनम दिल से निकलेगी दुआ,
मेने तुजे दिल के जरौखे में बिठा रख्खा हे,
तेरी तसवीर को पलकों में छिपा रख्खा हे,
गम नही प्यार में अगर जान चले जयेगी,
मरके भी रूह मेरी चैन नही पायेगी,
मुजको ए मेरे सनम तेरी महोब्बत की कसम,
मेरी मिट्टी से भी येही सदा आयेगी,
तू मेरी माँग सजा, मुजको दुल्हन तू बना,
वक्ते रुख़सत हे मेरा मुजको डॉली में बिठा,
तेरी उल्फत के सिवा दुनिया में क्या रख्खा हे,
तेरी हर याद को सीने से लगा रख्खा हे,
हमसफर तू हे मेरा, साथ छोड़ूँ ना तेरा,
मेने दिलदार तुजे दिल में बसा रख्खा हे,
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