mukesh875
Sunday, 25 November 2012
कैसे छुपाउ राज-ए-गम,
दीदा-ए-तर, को क्या करु,,,,,,,,,,,
दिल की तपिश को क्या करूँ,
चश्म-ए-नम को क्या करु,,,,,,,,,,,,
हाल मेरा जब बदतर तब ना हुइ, तुम्हे ख़बर,,,,
बाद मेरे हुआ असर, अब में असर को क्या करूँ,
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment