सादगी तो हमारी जरा देखिये,
एतबार आपके वादे पर कर दीया
बात तो शीर्फ एक रात की थी मगर,
इंतज़ार आपका उम्रभर कर लिया,..........
इश्क में उलजने पेहले ही कम न थी,
ओर
लोग डरते हे कातिल की परछाईं से,
हमने कातिल के दिल में भी घर कर दिया,,,,,,,,,
जिक्र इक-बे-वफ़ा ओर सितम ग़र का था,
तेरे आदाब की रुदाद हो गए हे हम,
बड़े ख़ुलूस से बरबाद हो गए हे हम,,,,,,
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