मंज़िल ना दे, चराग ना दे, हौसला तो दे,...
तिनके का ही,सही तू मगर आशरा तो दे,...
मेने ये कब कहा के मेरे हक्क में हो जवाब,
लेकिन खामोश क्यू हे तू,कोई फैसला तो दे,...
बरसो में तेरे नाम का, खाता रहा फरेब,
मेरे खुदा कहा हे तू, अपना पता तो दे,
बेशक़ मेरे नसीब पे रख अपना इख्तीयार,
लेकिन मेरे नसीब में, क्या हे बता तो दे,
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