दोस्तों की शिकायत करूँ में ,
ये भी मुजको गवारा नही हे,
दोस्तों ने करम वो किए हे,
जिंदगी की तमन्ना नही हे,
सोच कर बे-वफ़ा मुजको कहिये,
खुल ना जाए भ्रम आपका ही,
आजमाया हे दुनिया को मैंने,
आपने मुजको परखा नही हे,
हो के बे-ताब मैयत पे मेरी,
तुम ये क्यू बे-नकाब आगये हो,
उम्र भर मुजसे पर्दा किया था,
आज क्यूँ मुजसे परदा नही हे,
आप होंगे वफ़ा ओके माहिर,
एक दिन ये हकीकत हे लेकिन,
आपका तो भरोसा हे मुजको,
जिंदगी का भरोसा नही हे,
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