हर-सु दिखे देते हे, वो जल्वागर मुजे.,
क्या-क्या फरेब देती हे, मेरी नजर मुजे,
आया ना राश नाला-ए-दिल का असर मुजे,
अब तुम मिलें तो कुछ नही अपनी ख़बर मुजे,
डाला हे बे-खुदी ने अजब राह् पर मुजे,
आँखें है ओर कुछ नही आता नजर मुजे,
करना हे आज हजरते-नाशेह से सामना,
मिल जाये दो घड़ी को तुम्हारी नजर मुजे,
यक्सान हे हुश्न-ओ इश्क की सर-मस्तियों का रंग,
उनकी ख़बर उन्हें हे ना अपनी ख़बर मुजे,
में दूर् हूँ तू रूहें -सुखन मुजसे किस लिए,
तुम पास हो तो क्यूँ नही आते नजर मुजे,
दिल लेके मेरा देते हो दागे "जिगर" मुजे,
ये बात भूलने की नही न उम्रभर मुजे
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