Monday, 14 May 2012


मुजे तुम नजर से गिरा तो रहे  हो,
मुजे  तुम कभी भी, भुला ना सकोगे,
ना जाने मुजे क्यू यकीन हो चला हे,
मेरे प्यार को तुम मिता ना सकोगे,
मेरी याद होगी जिधर जाओगे  तुम,
कभी नगमा बनके, कभी बनके  आँसू,
तड़पता मुजे हे, ना रख पाओगे तुम,
शमा जो जलाइ हे  मेरी वफ़ा ने  ,
बुजा ना चाहोगे  बुज़ा ना सकोगे तुम,
कभी नाम बातों में  आया जो  मेरा,
तो बे-चैन हो हो के दिल थाम लोगे,
निगाहों में छायेगा गम का अन्धेरा,
किसी ने  जो पूछा सबब आँसू ओका,
बताना भी चाहो  बता ना सकोगे,

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