mukesh875
Tuesday, 15 January 2013
गज़ब किया तेरे वादे पे एतबार किया,,,,,,
तमाम रात कयामत का इंतज़ार किया,,,,,
हसा-हसा के सब-ए-वस्ल अश्क-वार किया,
तसल्लीया मुजे दे-देकर बे-करार किया,,,,,,,,
हम ऎसे मेहरे नजारा ना थे जो होंश आता,
मगर तुम्हारे तगाफुल ने होंशीयार किया,,,
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