उनको भूलें हुए अपने ही सितम याद आए,
जब उन्हें गैर ने तडपाया, तो हम याद आए,,,,
हम जमाने के मसाइल का गीला भूल गए,
जब हमे आपके बख्शे हुए गम याद आए,,,,,,,
बे-वफ़ा याद कभी तो उन्हें कर ले जिनको,
बंदगी में भी तेरे नक्शे-कदम याद आए,,,,,,,,,,
आज की रात बहोत जुल्म हुआ हे हम पर,
आज की रात हमे आप भी कम याद आए,,,,,,,,
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