mukesh875
Tuesday, 14 August 2012
एक तेरा गम, उस-पर आँखें नम,
आरजू-ए तोड़ती रही राह् दम-ब-दम,
एक तू ही सनम, उठा ली जो कसम,
टूट ना पाये आखरी दम तक ये भरम,
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