या रब मेरी हयात से, गम का असर ना जाए,
जब तक किसीकी ज़ुल्फ परेशां सँवर ना जाए,
मेरे जुनूं को ज़ुल्फ के साये से दूर् रख,
रास्ते में छान्व पाके मुसाफिर ठहर ना जाये,
रेहता हूँ इस लिए में तस्सव्वुर से दूर्-दूर्,
दर हे कोई क़रीब से होकर गुजर ना जाए,
पीता हूँ इस लिए में मै-कदे से दूर्-दूर्,
इल्जामे तिश्नगी कही शाकी के सर ना जाए,
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