में तेरी नजर का शुरूर हूँ,
तुजे याद हो के ना याद हो,
तेरे पास हो के भी दूर् हूँ,
तुजे याद हो के ना याद हो,
तेरी ज़ुल्फ है, मेरा हाथ है,
के तु आज भी मेंरे पास है,
तेरे दिल में मे भी जरूर हूँ,
तुजे याद हो के ना याद हो,
जब-जब तुम्हे भुलाया, तुम ओर याद आए,,,
जाते नही हे दिल से, अब-तक तुम्हारे साये,
तुमसे बिछड़ के हमने, दिल को बहुत सम्हाला,
गुलशन में ये ना बेहला, सेहरा में भी सताये,
तुम ओर याद आए,,,,,,,,,जब-जब,,,,,,,,
छाये रहे नजर में, तेरी ज़ुल्फ के अँधेरे,
कही आफताब चमके, कही चाँदनी जग-मगाये,
तुम ओर याद आए,,,,,,,जब-जब,,,,,,,,,
मरने की आरजू में हम जी रहे हे ऐसे,
जैसे की लाश अपनी, ख़ुद ही कोई उठाये,
तुम ओर याद आए,,,,जब-जब,,,,,
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