बस्ती-बस्ती पर्बत-पर्बत,
गाता जाए बंजारा,
लेकर दिल काएकतारा.................
पल दो पल का साथ हमारा,
पल दो पल की यारी,
आज रुके तो कल करनी हे,
चलने की तैयारी, चलने की तैयारी...........
कदम -कदम पर होनी बैठी ,
अपना जाल बिछाये, अपना जाल बिछाये,
इस जीवन की राह् में जाने ,
कौन कहा रह जाए, कौन कहा रह जाए,......
धन दौलत के पिछे क्यूँ है,
ये दुनिया दीवानी,
यहा की दौलत यहा रहेगी,
साथ नही है जा नी, साथ नही है जा नी......
दुनिया के बाज़ार में आखिर,
चाहत भी व्योपार बनी,
तेरे दिल से उसके दिल तक,
चांदी की दीवार बनी,
बस्ती-बस्ती....................
हम जैसों के भाग में लिख्खा,
चाहत का वरदान नही,
जिसने हम को जन्म दीया,
वो पत्थर हे भगवान नही,
बस्ती-बस्ती..................
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