में किसे सुनाऊँ अपने दिल का हाल,
मेरी बर्बादी लेती हे तेरा नाम,,,,
रेत से मेरे घरौंदे केह उठ्ठे,
अब की आँधी पर लिख्खा हे तेरा नाम,,,,
जिंदगी जब बे-खुदी से भर गई,
बे-खुदो में भी मिला हे तेरा नाम,,,,,,
जिंदगी तो जिंदगी मेरी "मुकेश"
मौत पर भी अब लिख्खा हे तेरा नाम,,,,,,
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