सुभान अल्लाह होये,,,,हसीन चेहरा होये,,,
ये मस्ताना अदाये,,,,खुदा मेहफूज रक्खे,,
हर बला से,,,,हर बला से,,,,,,,,
तुम्हे देखा होये,, तो दिल बोला होये,,,
के तुमको दु दुआ ये, खुदा मेहफूज रक्खे हर,,,
ना-जाने किसकी किस्मत में हे मुखड़ा,
चाँद सा ये,,,,
ना-जाने किसके घर चमकेगा टुकड़ा चाँद का ये,
इजाज़त हो, हाये,, तो फिर हम भी, मुकदर आजमाये, खुदा मेहफूज रक्खे,,,,,,,,,,,
बड़ी हसरत से तुमको देखता हे ये जमाना,,,
सुनाना चहता हे हर कोई अपना फसाना,,,,
कोई दिल हो होये,, कोई महफिल होये,,,,
जहां भी आप जाए,,खुदा मेहफूज रक्खे,,
हर बला से,,,,हर बला से,,,,,,,,
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