फ़लक पे जितने सितारे हे वो भी शरमाये,
ओ देने वाले मुजे इतनी जिन्दगी दे दे,
ये ही सजा हे मेरी मौत ही ना आए मुजे,
किसीको चैन मिलें मुजको बे-कली दे दे,
गम उठाने के लिए, में तो जिये जाऊँगा,............
साँस की लइ पे तेरा नाम लिए जाऊँगा,..............
हाये तूने मुजे उल्फत के सिवा कुछ ना दीया,
ओर मेने तुजे नफरत के सिवा कुछ ना दीया,
तुज से शर्मिंदा हूँ, ए मेरी वफ़ा की देवी,
तेरा मुजरिम हूँ मुसीबत के सिवा कुछ ना दीया,,,,,,,,,,,,,,
तू खयालो में मेरे अब भी चली आती हे,
अपनी पलकों पे उन अश्कों का जनाजा लेकर,
तूने नींदें करी कुर्बान मेरी राहो में,
में नशे में रहा गैरों का सहारा लेकर,,,,,,,,
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