उइ माँ ,,उइ माँ ये क्या हो गया,,,
उनकी गली में दिल खो गया,,
बिंदिया हो तो ढूँढ भी लू में दिल ना ढूँढा जाए,
एक दिन की बात हे, नदिया किनारे,,
उनसे हुए थे छुप-छुप इशारे,,,,
कसम खा चुकी थी में प्यार ना करूँगी,
में प्यार का कभी भी करार ना करूँगी,,,,,
अब वो बातें हाये यार डर हे हो ना जाउ बरबाद,
शीशा हो तो तोड़ भी दु में, दिल ना तोड़ा जाए,
प्यार के रास्ते प्रिया बड़े ऊँचे-नीचे,,
आऊ मगर कैसे तेरे पिछे-पीछे,,,,,
ना ठेस लग जाए, घूँघट गिर जाए,,
घूँघट जो संभालू तो लत खुल जाए,,
मुशकील में हे मेरी जान,
तू क्या समजे ओ नादान,,,,,
दुनिया हो तो छोड़ भी दु,,
में प्यार ना छोदा जाए,
No comments:
Post a Comment