सफर में धूप तो होगी, जो चल शकों तो चलो,
सभी हे भीड़ में तुम भी निकल शकों तो चलो,
किसीके वास्ते,............. राहें कहाँ बदलती हे,
तुम अपने आप को,...... बदल शकों तो चलो,
यहा किसीको कोई,........... रास्ता नही देता,
मुजे गिरा के अगर तुम, संम्हल शकों तो चलो,
येही हे जिंदगी, ......कुछ ख्वाब चंद उम्मीदे,
इन्ही खिलौनों से तुम भी, बेहेल शकों तो चलो
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