प्यार में जब कोई फनाह होता है,
उसीका प्यार बे-पनाह होता है,
दो-दिल, एक जान, एक ही धड़कन,
दुनिया से अलग उनका जहाँ होता हे,
प्यार बस केवल प्यार ही रहता हे,
प्यार में नफा ना नुकशान होता हे,
प्यार कोई आपसी मेल नही,
प्यार कोई दिमागी खेल नही,
प्यार तो बस प्यार होता हे,
जिसे भी होता हे बे-सुमार होता हे,
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